DELED COURSE DETAILS AND INFORMATION
D.El.Ed course का पूरा नाम है Diploma in Elementary Education, जिसे हिंदी में प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा कहा जाता है।
यह एक दो वर्षीय शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स (Teacher Training Program) है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर पढ़ाने योग्य बनाना है।
इसके अलावा, यह D.El.Ed course आपको बच्चों के व्यवहार, सीखने की प्रक्रिया, शिक्षण विधियों और शिक्षा मनोविज्ञान को समझने में भी मदद करता है।
अगर आप एक अच्छे शिक्षक बनकर बच्चों के भविष्य को संवारना चाहते हैं, तो D.El.Ed (Diploma in Elementary Education) आपके लिए एक बेहतरीन कोर्स है। यह D.El.Ed कोर्स आपको प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर (Class 1 से 8) तक पढ़ाने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है।
यह कोर्स NCTE (National Council for Teacher Education) द्वारा मान्यता प्राप्त है, और भारत के लगभग सभी राज्यों में उपलब्ध है। UP D.El.Ed also conduct this program.
आइए, विस्तार से समझते हैं — इसकी अवधि, पात्रता, सिलेबस, फीस, और करियर अवसर।
D.El.Ed कोर्स की अवधि 2 वर्ष (4 सेमेस्टर) होती है।
हर सेमेस्टर में विद्यार्थियों को सिद्धांत (Theory) और व्यवहारिक (Practical) दोनों प्रकार की शिक्षा दी जाती है।
इसके साथ ही, विद्यार्थियों को स्कूलों में इंटर्नशिप (Teaching Practice) भी करनी होती है ताकि वे वास्तविक कक्षा का अनुभव प्राप्त कर सकें।
D.El.Ed कोर्स में प्रवेश के लिए निम्न पात्रता आवश्यक है:
डी.एल.एड सिलेबस को इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह विद्यार्थियों को एक कुशल शिक्षक बनने के लिए सभी आवश्यक विषयों का ज्ञान दे। नीचे हम आपको डी.एल.एड कोर्स का सेमेस्टर वाइज सिलेबस (Semester-wise Syllabus) विस्तार से बता रहे हैं।
पहले वर्ष में मुख्य रूप से विद्यार्थियों को शिक्षण की नींव और बच्चों के विकास की मूल अवधारणाएँ सिखाई जाती हैं।
इसके अलावा, पहले सेमेस्टर में विद्यार्थियों को कक्षा प्रबंधन (Classroom Management) और शिक्षण सामग्री निर्माण (Teaching Aids) का भी ज्ञान दिया जाता है।
इसके अतिरिक्त, दूसरे सेमेस्टर में इंटर्नशिप या स्कूल विजिट भी कराई जाती है ताकि विद्यार्थी वास्तविक कक्षा का अनुभव प्राप्त करें।
दूसरे वर्ष में विद्यार्थियों को शिक्षण की गहराई, बाल व्यवहार, और मूल्य-आधारित शिक्षा पर फोकस कराया जाता है।
साथ ही, इस सेमेस्टर में विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट्स भी दिए जाते हैं ताकि वे व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकें।
हालांकि, अंतिम सेमेस्टर का मुख्य उद्देश्य शिक्षक को वास्तविक स्कूल वातावरण में काम करने के लिए तैयार करना होता है।
D.El.Ed कोर्स में प्रायोगिक प्रशिक्षण का बहुत महत्व है। छात्रों को कम से कम 30–40 दिन का स्कूल इंटर्नशिप पूरा करना होता है, जिसमें उन्हें:
भारत में लगभग हर राज्य में सरकारी और निजी कॉलेजों में D.El.Ed Course उपलब्ध है। कुछ प्रमुख संस्थान हैं:
इसके अलावा, कई निजी शिक्षण संस्थान भी NCTE से मान्यता प्राप्त हैं और D.El.Ed कोर्स संचालित करते हैं।
D.El.Ed Course की फीस कॉलेज के प्रकार (सरकारी या निजी) पर निर्भर करती है।
हालांकि, कुछ राज्यों में स्कॉलरशिप योजनाएँ भी उपलब्ध हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की सहायता करती हैं।
डी.एल.एड कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवारों के पास कई रोजगार के अवसर खुल जाते हैं।
इसके अलावा, विद्यार्थी CTET (Central Teacher Eligibility Test) या TET (Teacher Eligibility Test) देकर सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्ति पा सकते हैं।
इसलिए, यदि आपका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना है, तो D.El.Ed आपके लिए एक आदर्श कोर्स है।
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